देहरादून, अभिव्यक्ति न्यूज। नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पदभार सौंपा। इसके साथ सचिवालय के बाबुओं को एक संदेश भी दिया गया है कि अब ‘sab chalta hai’ की कार्य संस्कृति को छोड़ना होगा। बाबुओं को फाइलों पर कुंडली मार कर बैठने की आदत छोड़नी होगी। उन्हें परिणाम देना होगा और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में जुटना होगा।

मुख्य सचिव ने कार्यभार संभालते ही गिनाईं अपनी प्राथमिकताएं

इस अवसर पर नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि सरकार की नीतियों का राज्य के विकास में सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करना प्रशासन की प्राथमिकता है। आजीविका, रोजगार, कौशल विकास और रिवर्स माइग्रेशन भी उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्य सचिव ने कहा कि आजीविका के नए-नए अवसरों पर काम करना तथा इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना राज्य की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहरीकरण तथा राज्य का स्वास्थ्य क्षेत्र भी एक बड़ी चुनौती है। हमें शहरों को बेहतर बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निरंतर कार्य करना होगा।

उत्तराखंड के विकास के लिए नए संसाधनों की खोज करना होगा

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि उत्तराखंड में जल संरक्षण भी एक बड़ा मुद्दा है। हालांकि जल संकट का सामना पूरी दुनिया कर रही है। इन मुख्य मुद्दों पर आम नागरिकों के हित में धरातल पर प्रभावी कार्य करने की जरूरत है। राज्य की वित्तीय स्थिति पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हमें नए संसाधनों की खोज तथा वर्तमान संसाधनों को बढ़ाने पर निरंतर कार्य करना होगा। मुख्य सचिव की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के लिए सचिवालय के बाबुओं को फाइलों पर कुंडली मार कर बैठने की आदत और ‘sab chalta hai’ की कार्य संस्कृति बदलनी होगी। इस अवसर पर सचिवालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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