देहरादून, अभिव्यक्ति न्यूज। उत्तराखंड में दो दिन से हो रही बारिश और बर्फबारी अपने साथ तबाही लेकर आई है। बदरीनाथ धाम के आगे माणा में शुक्रवार की दोपहर में ग्लेशियर टूटने से 57 मजदूर बर्फ में दब गए। इस दौरान 15 मजदूरों को बचा लिया गया है। हादसे में घायल हुए इन मजदूरों को माणा गांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। वह स्वयं राहत कार्यों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

BRO करा रहा है सड़क का निर्माण
जानकारी के मुताबिक बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेश (BRO) सीमांत गांव माणा से आगे सड़क निर्माण का कार्य करा रहा है। इसी दौरान ग्लेशियर टूट गया, जिससे निर्माण कार्य में लगे कई मजदूर ग्लेशियर में दब गए हैं। हादसे का पता चलते ही प्रशासन और BRO की टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि मई में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इसके लिए सड़क निर्माण समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा न होने पाए।

एसडीआरएफ की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य का संभाला मोर्चा
माणा गांव के पास ग्लेशियर टूटने से हुई दुर्घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके के लिए रवाना कर दी गयी। नजदीकी पोस्ट जोशीमठ से SI देवीदत्त बर्थवाल के नेतृत्व में SDRF टीम घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई। टीम ने मौके पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। साथ ही गौचर एवं सहस्रधारा, देहरादून पोस्ट पर हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को तैयार कर दिया गया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि बर्फ गिरने के बाद 57 मजदूर दब गए, हालांकि 15 मजदूरों को बचा लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने हादसे पर जताया गहरा दुख, दिए राहत कार्यों के निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है। भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।
इसे भी पढ़ें : फैसला : कर्मचारियों को प्रॉविडेंट फंड पर मिलता रहेगा 8.25 प्रतिशत ब्याज, EPFO बोर्ड ने लगाई मुहर
