देहरादून, अभिव्यक्ति न्यूज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित देश के प्रथम और सामान्यतः सीमांत गांव माने जाने वाले Mana avalanche की चपेट में श्रमिकों की तलाश में चलाया गया सर्च ऑपरेशन रविवार को देर शाम पूरा हो गया। Mana avalanche में 54 श्रमिक लापता हो गए थे। रेस्क्यू दल ने इनमें से 46 मजदूरों को बचा लिया था, जबकि आठ श्रमिकों की दुखद मृत्यु हो गई। Mana avalanche में लापता आठवें श्रमिक का शव रविवार की शाम करीब पौने छह बजे बरामद किया गया। सर्च और रेस्क्यू अभियान पूरा होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी बचाव दल समेत प्रशासन के अभियान की सराहना की।
11 हजार फुट की ऊंचाई पर चला सर्च और बचाव कार्य पूरा

बार्डर रोड आर्गेनाईजेशन (बीआरओ ) की रोड निर्माण में जुटे 54 श्रमिक शुक्रवार को माणा गांव के पास भारी एवलांच आने से बर्फ में दब गए थे। इन श्रमिकों को बचाने के लिए बचाव अभियान चमोली जिले के लगभग 10 से 12 हजार फुट की ऊंचाई वाले बर्फीले इलाके में चलाया गया। अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार बदरीनाथ धाम से आगे माणा गांव के आसपास और आगे सात से ज्यादा बर्फ गिरी हुई है। बचाव दल ने भारी बर्फ के बीच रास्ता बनाते हुए हेलीकॉप्टर के जरिये मजदूरों को लिफ्ट किया।
प्रतिकूल मौसम में संयुक्त सहयोग से चला बचाव अभियान पूरा हुआ : धामी

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लिंक के जरिये देखें, मुख्यमंत्री ने माणा मिशन पूरा होने के बाद अपने फेसबुक पेज पर क्या कहा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माणा हादसा मिशन समाप्त होने पर सभी बचाव दल समेत प्रशासन के अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारी बर्फबारी की वजह से यह बचाव अभियान काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन सभी के सहयोग से यह काम सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री धामी ने भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, सीमा सड़क संगठन और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भारतीय सेना के साथ ही सभी सैनिकों और कर्मियों की सराहना करती है जिन्होंने प्रतिकूल मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थिति को पार करते हुए इस बचाव कार्य को अंजाम दिया।
देखें माणा हिमस्खलन हादसे के मृतकों की सूची

मृतक श्रमिकों के शव परिजनों को सौंपे, घायलों का चल रहा इलाज

माणा हिमस्खलन हादसे में जान गंवाने वाले सभी आठ श्रमिकों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनकी पार्थिव देह को परिजनों को सौंपा जा रहा है। दुर्घटना में मृत और घायल मजदूरों को राज्य सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। घायल 46 मजदूरों का इलाज सेना के अस्पताल में चल रहा है। इनमें से दो मजदूरों की हालत गंभीर होने पर उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया है। सेना के अस्पताल में भर्ती सभी मजदूर खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
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