प्रयागराज, न्यूज अभिव्यक्ति। प्रयागराज में यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) के बाहर हज़ारों स्टूडेंट्स सोमवार को रात भर डटे रहे। आंदोलनकारी छात्र मंगलवार को भी यूपी लोक सेवा आयोग के बाहर अपनी मांगों को लेकर दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। प्रतियोगी छात्र पिछले दो दिन से पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा को एक-एक दिन कराए जाने और मानकीकरण समाप्त किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच छात्रों के आंदोलन को लेकर सियासत भी गर्म हो गई है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए इनकी मांगों पर विचार करने को कहा है। उधर, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने कहा है कि अराजक तत्व और अवैध कोचिंग माफिया इस आंदोलन के पीछे हैं। आयोग भी अपनी प्रणाली पर डटा हुआ है और किसी तरह के बदलाव के लिए तैयार नहीं।

प्रतियोगी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा आयोग
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के बाद दो दिन से प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों का आरोप है कि लोक सेवा आयोग ने परीक्षा का जो मानक बनाया है वह पूरी तरह भ्रामक, गैरजिम्मेदार और मानक के विपरित है। आयोग का थिंक टैंक प्रतियोगी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर अमादा है। मानक की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए। प्रतियोगी छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोक सेवा आयोग ने यूपी पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा -2024 और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा -2023 को एक-एक दिन परीक्षा कराने और नॉर्मलाइजेशन को निरस्त करने का नोटिस नहीं जारी करता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

ठंड में भी रात भर आयोग के सामने डटे रहे प्रतियोगी छात्र
यूपी लोक सेवा आयोग के बाहर धरना दे रहे छात्रों ने सोमवार की रात में ठंड के बावजूद धरना जारी रखा। छात्र पूरी रात यूपी लोक सेवा आयोग के कार्यालय के बाहर धरने पर मौजूद रहे और नारेबाजी करते रहे। प्रतियोगी छात्र यूपी लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा – 2024 और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा – 2023 को एक-एक दिन कराए जाने और मानकीकरण समाप्त किए जाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि आयोग की नीतियां उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही हैं।

अखिलेश यादव ने `एक्स` पर पोस्ट किया- योगी बनाम प्रतियोगी हुआ माहौल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी लोक सेवा आयोग के बाहर प्रतियोगी छात्रों के दो दिन से चल रहे प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म `एक्स` पर पोस्ट किया है कि ‘योगी बनाम प्रतियोगी’ छात्र हुआ माहौल! अखिलेश यादव ने लिखा है कि ‘छात्रों की आवाज‘ नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं’। उन्होंने चलवाया लाठी-डंडा, ‘नौकरी’ नहीं जिनका एजेंडा! नहीं चाहिए अनुपयोगी सरकार, भाजपा सरकार नहीं धिक्कार है। सालों-साल वैकेंसी या तो निकलती नहीं है या फिर परीक्षा की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है। भाजपा ने छात्रों को सड़कों पर लाकर खड़ा कर दिया है।

अधिकारी प्रतियोगी छात्रों की मांगों को संवेदनशीलता से सुनें और समाधान निकालें: केशव मौर्य
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म `एक्स` पर लिखा है कि यूपी पीसीएस परीक्षा में एक से अधिक दिन की परीक्षा, निजी संस्थानों को केंद्र न बनाने और मानकीकरण प्रक्रिया को लेकर छात्रों की चिंताएं गंभीर और महत्वपूर्ण हैं। छात्रों की मांग है कि परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हों, ताकि उनकी मेहनत का सम्मान हो और भविष्य सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में, भाजपा सरकार ने 2017 से भर्ती माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाकर निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मिसाल पेश की है। लगभग सात लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर सरकार ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। सभी सक्षम अधिकारी छात्रों की मांगों को संवेदनशीलता से सुनें और शीघ्र समाधान निकालें। यह सुनिश्चित करें कि छात्रों का कीमती समय आंदोलन में नहीं, बल्कि उनकी तैयारी में लगे। न्यायालय में लंबित मामलों का भी शीघ्र समाधान निकाला जाए ताकि किसी छात्र का भविष्य अंधकार में न रहे।
नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस के तहत दो शिफ्ट में क्यों एग्जाम नहीं देना चाहते छात्र
मान लीजिए दो शिफ्ट A और B हैं। शिफ्ट A का पेपर थोड़ा आसान है, जबकि शिफ्ट B का पेपर थोड़ा कठिन है। शिफ्ट A में औसतन उम्मीदवारों ने 150 में से 120 अंक प्राप्त किए हैं और शिफ्ट B में औसतन उम्मीदवारों ने 150 में से 100 अंक प्राप्त किए तो यहां नॉर्मलाइजेशन का उपयोग करके शिफ्ट B के उम्मीदवारों के अंकों को बढ़ाया जाएगा ताकि दोनों शिफ्टों के अंकों को एक समान पैमाने पर लाया जा सके। नॉर्मलाइजेशन के बाद, सभी उम्मीदवारों के अंक एक नए पैमाने पर तब्दील हो जाते हैं। अब, शिफ्ट A और शिफ्ट B के उम्मीदवारों के अंकों की तुलना एक ही पैमाने पर की जा सकती है।
