प्रयागराज, अभिव्यक्ति न्यूज। Prayagraj Maha Kumbh में Mauni Amavasya के गंगा स्नान से पहले ही मंगलवार की देर रात बड़ा हादसा हो गया। Mauni Amavasya पर ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान के लिए संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ में मंगलवार-बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे अचानक Stampede मच गई। हादसे में 17 श्रद्धालुओं की मौत होने की आशंका जाहिर की गई है, जबकि 50 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने मौत या घायलों की संख्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। Stampede के बाद Prayagraj Maha Kumbh मेला प्रशासन के अनुरोध पर सभी 13 अखाड़ों ने Mauni Amavasya का Amrit Snan रद्द कर दिया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा कि संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद होने के कारण Amrit Snan रद्द करने का फैसला लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर घटना की जानकारी ली।

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर संगम क्षेत्र में हादसे के बाद भी श्रद्धालु संगम तट पर गंगा स्नान में जुटे रहे।

मौनी अमावस्या पर दस करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का था अनुमान

प्रयागराज महाकुंभ में बुधवार को मौनी अमावस्या का स्नान है। मौनी अमावस्या पर सभी 13 अखाड़े अमृत स्नान भी करते हैं। मौनी अमावस्या पर गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी में पवित्र स्नान के लिए करीब पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज में पहुंच चुके थे। प्रशासन के मुताबिक, संगम समेत सभी 44 घाटों पर मौनी अमावस्या पर बुधवार देर रात तक लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान था। संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बढ़ती जा रही थी। इससे एक दिन पहले यानि मंगलवार को साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगा चुके थे।

अफवाह के चलते भगदड़ मचने का जताया जा रहा अंदेशा

मौनी अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त में संगम तट पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आधी रात से ही जुटी शुरू हो गई थी। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात लगभग डेढ़ बजे अचानक अफवाह फैलने के बाद भगदड़ मच गई। इस दौरान कुछ महिलाएं गिर गईं और फिर उन्हें उठने का मौका नहीं मिला। भीड़ महिलाओं को रौंदते हुए इधर-उधर भागने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद 70 से ज्यादा एंबुलेंस संगम तट पर पहुंचीं। इनसे घायलों और मृतकों को अस्पताल ले जाया गया।

प्रयागराज की सीमा सील, एनएसजी ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद प्रयागराज में बाहर से आने वालों का प्रवेश रोक दिया गया है। रेलवे स्टेशन के साथ ही प्रयागराज की सीमा पर पुलिस बल को बढ़ाकर श्रद्धालुओं का आवागमन बंद कर दिया गया। हादसे के बाद संगम तट पर NSG कमांडो ने मोर्चा संभाल लिया। संगम नोज इलाके में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए संगम जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरीकेडिंग कर दी गई है। श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों से संगम क्षेत्र से बाहर निकाला जा रहा है।

अखाड़ों ने स्थगित किया मौनी अमावस्या का अमृत स्नान

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा कि हम सभी 13 अखाड़े स्नान नहीं करेंगे क्योंकि जिस तरीके से आज जो घटना हुई है वह बहुत दुःखद घटना है इसलिए हम लोग मौनी अमावस्या का स्नान नहीं करने का फैसला लिया है अब हम लोग बसंत पंचमी का अमृत स्नान करेंगे। अखिल भारतीय संत समिति एवं गंगा महासभा के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। सभी श्रद्धालु जहां स्थान मिले उसी जगह पर स्नान कर लें। प्रयागराज महाकुंभ क्षेत्र में अत्यधिक और अपरिमित भीड़ है। पूरे संगम क्षेत्र में हर घाट पर स्नान की व्यवस्था है।

जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि की अपील

मौन आत्मा का आहार है, इस दृष्टि से बाह्य-भौतिक जगत् से अन्तर्जगत और अस्तित्व की अनुभूति में सहायक मौनी अमावस्या के दिव्य आध्यात्मिक मूहूर्त में अमृत स्नान हेतु पधारे सभी पूज्य संतों साधकों और मुमुक्षुओं का हार्दिक स्वागत है। मौन अस्तित्त्व बोध में सहायक है। अंतर्मुखता अर्थात् मौन परम् सत्य के प्रकटीकरण और आत्मसत्ता की अनन्तता के अनावरण में कल्याणकारी साधन है। आज मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम के आसपास करोड़ों भक्तों की भारी भीड़ में कुछ भक्त घायल हो गए हैं। घायल भक्तों के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रभु से प्रार्थना है। हम न केवल प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करें अपितु जलस्रोतों की शुचिता, सातत्य एवं नदियों की अविरलता निर्मलता को सुनिश्चित और संरक्षित करने का भी संकल्प लें। मैं लाखों नागा साधू, महंत, महामंडलेश्वरगण एवं करोड़ों भक्तों का आह्वान करता हूं कि भारी भीड़ के कारण हमें जहां भी स्थान मिले अमृत स्नान करें। आज अमृत स्नान की शोभा यात्रा स्थगित की है। परमेश्वर सभी का कल्याण करें।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से की अपील, जहां मिले जगह, वहीं करें स्नान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के स्नान से पहले ही संगम में हुए हादसे के बाद श्रद्धालुओं से अपील की है। मां गंगा के जो जिस घाट के समीप है, वहीं करे स्नान, संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। पवित्र गंगा स्नान के लिए प्रयागराज महाकुंभ क्षेत्र में कई घाट बनाए गए हैं। इन सभी घायों पर मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान किया जा सकता है। प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें और व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

इसे भी पढ़ें : Uniform Civil Code लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना Uttarakhand

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *