नई दिल्ली। स्वच्छ सर्वेक्षण (Cleanliness Survey) में मध्य प्रदेश का इंदौर शहर लगातार सातवीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बना है। इंदौर के साथ गुजरात का सूरत भी अव्वल रहा है। नई दिल्ली नगर पालिका निगम (एनडीएमसी) को सातवां और यूपी के नोएडा को 17वां स्थान मिला है। गंगा नदी के शहरों की वाराणसी और कैंटोनमेंट बोर्ड में महू को पहला स्थान मिला है। राज्यों के श्रेणी में महाराष्ट्र स्वच्छता के मामले में पहले स्थान पर रहा। केंद्र सरकार का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बांटे पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने गुरुवार को स्वच्छ स्वच्छ सर्वेक्षण (Cleanliness Survey) पुरस्कार 2023 प्रदान किए। वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर और सूरत को देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में चुना गया, जबकि नवी मुंबई तीसरे स्थान पर रहा। शानदार प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र ने पहला स्थान हासिल किया, जिसके बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ रहे। एक लाख से कम आबादी वाले सभी शहरों की श्रेणी में महाराष्ट्र के सासवड को सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला। गंगा नदी के शहरों में वाराणसी को सबसे अच्छा एवं स्वच्छ शहर चुना गया। इसके बाद प्रयागराज को दूसरा स्थान मिला। मध्य प्रदेश का महू छावनी बोर्ड सबसे स्वच्छ छावनी बोर्डों की श्रेणी में शीर्ष पर रहा।
चार शहरों को सेवन स्टार रेटिंग मिली
स्वच्छ सर्वेक्षण के नतीजों में अव्वल रहे दस शहरों (एक लाख से उपर जनसंख्या) में इंदौर, सूरत, नवी मुंबई, विशाखापट्टनम, भोपाल, विजयवाड़ा, एनडीएमसी, तिरुपति, ग्रेटर हैदराबाद और पुणे शामिल हैं। इंदौर, सूरत, नवी मुंबई और एनडीएमसी को सर्वोच्च सेवन स्टार रेटिंग मिली है। 17 वें स्थान पर रहे नोएडा को फाइव स्टार रेटिंग मिली है। दस लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में गाजियाबाद को 18वां, दिल्ली नगर निगम को 28वां, कानपुर को 24 वां, लखनऊ को 20 वां स्थान मिला है। हालांकि राष्ट्रीय रैंकिंग इनकी कम है।
चार शहरों को सेवन स्टार रेटिंग मिली
स्वच्छ सर्वेक्षण (Cleanliness Survey) के नतीजों में अव्वल रहे दस शहरों (एक लाख से उपर जनसंख्या) में इंदौर, सूरत, नवी मुंबई, विशाखापट्टनम, भोपाल, विजयवाड़ा, एनडीएमसी, तिरुपति, ग्रेटर हैदराबाद और पुणे शामिल हैं। इंदौर, सूरत, नवी मुंबई और एनडीएमसी को सर्वोच्च सेवन स्टार रेटिंग मिली है। 17 वें स्थान पर रहे नोएडा को फाइव स्टार रेटिंग मिली है। दस लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में गाजियाबाद को 18वां, दिल्ली नगर निगम को 28वां, कानपुर को 24 वां, लखनऊ को 20 वां स्थान मिला है। हालांकि राष्ट्रीय रैंकिंग इनकी कम है।
इन श्रेणियों में दिए पुरस्कार
विभिन्न श्रेणियों में दिए गए पुरस्कारों में उत्तर क्षेत्र में पचास हजार से एक लाख जनसंख्या की श्रेणी में गजरौला (राष्ट्रीय रैंक 326) व 25 हजार से 50 हजार की श्रेणी में अनूप शहर (राष्ट्रीय रैंक 501) अव्वल रहा। बिहार का सबसे स्वच्छ शहर (एक लाख से ज्यादा जनसंख्या) में पटना रहा। हालांकि उसकी राष्ट्रीय रैंक 262 है। एक लाख से ऊपर जनसंख्या में झारखंड का सबसे स्वच्छ शहर जमशेदपुर (राष्ट्रीय रैंक 78) रहा। उत्तरखंड में यह स्थान देहरादून (राष्ट्रीय रैंक 191) को मिला।
