देहरादून। चारधामों के मंदिर परिसरों के आसपास अब श्रद्धालु रील्स नहीं बना पाएंगे। उत्तराखंड शासन ने मंदिर परिसरों के 50 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा दी है। यात्रा के दौरान जगह-जगह रील बनाने के चक्कर में धामों में अव्यवस्था फैल रही थी। इसके साथ ही धामों में रील बना कर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गुरुवार को सचिव पर्यटन को निर्देश जारी करते हुए आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है।

रील्स बनाने के चक्कर में जमा हो रही भीड़

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि चारधाम में इस बार पिछले सालों की तुलना में कहीं अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ आ रही है। इस बढ़ती भीड़ के कारण धामों में दिक्कतें न हों, इसके लिए भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है। धामों में मंदिर परिसर में मोबाइल से फोटो खींचने, वीडियो बनाने के साथ ही रील्स बनाने में श्रद्धालु काफी समय लगा रहे हैं। इसके कारण आसपास अनावश्यक भीड़ हो रही है।

रील बनाने वाले कर रहे आस्था से खिलवाड़
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि चारधाम यात्रा में लोग आस्था और श्रद्धा के साथ आते हैं। जो लोग धामों में रील बना रहे हैं, उससे साफ है कि वह श्रद्धा और आस्था से नहीं आ रहे हैं, बल्कि सिर्फ घूमने और रील बनाने आ रहे हैं। इनके कारण श्रद्धा से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परेशानी खड़ी की जा रही है। ये एक तरह का जुर्म है। किसी की भी आस्था को ठेस न पहुंचे। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

गलत ट्रिप कार्ड बनाने वाले ट्रांसपोर्ट अफसरों पर होगी कार्रवाई

श्रद्धालुओं के बिना पंजीकरण के ही ट्रिप कार्ड बनाने वाले ट्रांसपोर्ट विभाग के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गुरुवार को सचिव परिवहन को इस संबंध में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश जारी किए। इसके साथ ही दूसरे राज्यों के मुख्य सचिवों को भी पत्र भेजा गया है। अपील की गई है कि बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालु उत्तराखंड में दर्शन को न पहुंचे।

उत्तराखंड के बॉर्डर पर सख्ती से होगी पंजीकरण की जांच
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि बिना पंजीकरण के आने वालों पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड के बॉर्डर पर सख्ती से जांच की जाएगी। बिना पंजीकरण के किसी भी श्रद्धालु को आने नहीं दिया जाएगा। ताकि धामों में किसी भी तरह की कोई अव्यवस्था न हो।

मेडिकल क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लेकर ही आएं
मुख्य सचिव ने कहा कि जिनका स्वास्थ्य सही नहीं रहता, वो मेडिकल क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लेकर ही यात्रा में आएं। उत्तराखंड आने के बाद भी जगह-जगह की गई स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था को सुनिश्चित कराएं। श्रद्धालु इस बात का ख्याल रखें कि सभी धाम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हैं। वहां का तापमान नीचे मैदानी क्षेत्रों के तापमान से कहीं अलग रहता है। ऐसे में हर तरह का एहतियात बरतें।

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