लखनऊ, अभिव्यक्ति न्यूज। उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव की मतदान की तिथि में संशोधन किया गया है। निर्वाचन आयोग ने मतदान की तिथि 13 के बजाय 20 नवंबर कर दी है। हालांकि चुनाव परिणाम पूर्व की भांति 23 नवंबर को ही आएंगे। मतदान की तिथि में परिवर्तन के पीछे 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाला गंगा स्नान को कारण बताया गया है। निर्वाचन आयोग ने पंजाब और केरल में भी उपचुनाव में मतदान की तिथि में परिवर्तन किया गया है। वहां भी अब 13 के स्थान पर 20 नवंबर को मतदान होगा। उधर, उपचुनाव में मतदान की तिथियों में बदलाव को लेकर सियासी दलों ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है, जबकि भाजपा ने इसे हिंदुओं के त्योहार का सम्मान बताया है।
भाजपा, रालोद और बसपा ने की थी तिथियों में बदलाव की मांग
उपचुनाव में मतदान की तिथि में बदलाव की मांग भाजपा, बसपा और रालोद समेत कई दलों ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर की थी। इन राजनैतिक दलों ने निर्वाचन आयोग से कहा था कि 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व है। इस दौरान कुंदरकी, मीरापुर, गाजियाबाद और प्रयागराज में गंगा किनारे मेला लगता है और लोग कई दिन पहले इन मेलों में जाकर वहीं वास करते हैं। कहा गया था कि अगर 13 नवंबर को मतदान हुआ तो इन विधानसभाओं के मतदाता बड़ी संख्या में वोट नहीं डाल पाएंगे। लिहाजा, मतदान 20 नवंबर को कराना ही ठीक होगा। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की सभी नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की मतदान की तिथि 20 नवंबर तय कर दी।
केरल और पंजाब में भी उपचुनाव की तिथि बदलीं
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब और केरल में भी विधानसभा उपचुनाव की तिथि में बदलाव किया है। पंजाब में चार और केरल में एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। इन दोनों राज्यों में भी अब 13 की जगह 20 नवंबर को मतदान होगा। पंजाब में 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के साथ ही गुरुनानक देवजी का प्रकाश पर्व है, जबकि केरल में 13 से 15 नवंबर तक कलपाथि रास्थोलसेवम मनाया जाएगा। मतदान की तिथियों में बदलाव करने की मांग करने वाले राजनैतिक दलों ने आशंका जताई थी इससे वोटिंग पर असर पड़ेगा। महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए भी 20 नवंबर को ही मतदान होना है। इसके अलावा महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा सीट और उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा सीट पर भी 20 नवंबर को उपचुनाव होंगे।
झारखंड विधानसभा के लिए 13 को डाले जाएंगे वोट
केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से सोमवार को की गई घोषणा में 10 राज्यों की 33 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के मतदान की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन सीटों पर वोटिंग 13 नवंबर को ही होगी। झारखंड विधानसभा की 43 सीटों पर भी मतदान 13 नवंबर को ही कराया जाएगा। इस सभी सीटों की मतगणना 23 नवंबर को ही कराई जाएगी। निर्वाचन आयोग ने मतगणना के लिए तय कार्यक्रम के अनुसार तैयारियां पूरी करने के निर्देश संबंधित राज्यों को दिए हैं।
मतदान की तिथियों में बदलाव की घोषणा पर विपक्ष ने बोला हमला
केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से सोमवार को उत्तर प्रदेश की नौ सीटों पर होने वाले उपचुनाव में मतदान की तिथियों में बदलाव की सूचना जारी होते ही विपक्षी दलों के नेता हमलावर हो गए, जबकि भाजपा के नेताओं ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह हिन्दुओं के त्योहारों का सम्मान है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ये भाजपा की पुरानी चाल है- हारेंगे तो टालेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि पहले मिल्कीपुर का उपचुनाव टाला। अब बाकी सीटों के उपचुनाव की तारीख भी टाल दी। यूपी में भाजपा इतनी कमजोर कभी नहीं थी। वहीं मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने कहा कि हमारे अच्छे कामों को लेकर भाजपा में कहीं न कहीं हलचल मची हुई है, इसीलिए चुनाव टाले गए हैं। आप सांसद संजय सिंह ने भी कहा कि यह बहुत अजीब बात है कि देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के हिसाब से चुनाव के कार्यक्रम तय किए जाते हैं।
