लखनऊ, अभिव्यक्ति न्यूज। बहराइच बवाल के दो मुख्य आरोपियों से गुरुवार को दोपहर में नानपारा थाना क्षेत्र में नहर के किनारे पुलिस की मुठभेड़ हो गई। आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में दो मुख्य आरोपी मोहम्मद सरफराज और मोहम्मद तालीम पैर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने रामगोपाल की हत्या के मामले में तीन नामजद और दो अन्य आराेपियों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पांचों गिरफ्तार आरोपी नेपाल भागने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। बहराइच बवाल मामले में पुलिस अब तक 57 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
हत्या में प्रयुक्त बंदूक बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़
एसपी बहराइच वृंदा शुक्ला के अनुसार पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गुरुवार को बवाल और रामगोपाल मिश्रा की हत्या में नामजद मो. फहीम, मो. तालीम, मो. सरफराज उर्फ रिंकू, अब्दुल हमीद और मोहम्मद अफजल को गिरफ्तार किया। पुलिस ने टीम आरोपियों को पूछताछ के बाद रामगोपाल मिश्री की हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक को बरामद कराने के लिए नानपारा इलाके में नेपाल मार्ग पर हांडा बसेहरी लेकर गई थी। इसी दौरान आरोपी मोहम्मद सरफराज और मोहम्मद तालीम ने बंदूक से फायरिंग कर दी। पुलिस ने बचाव में जब जवाबी कार्रवाई की तो सरफराज और तालीम पैर में गोली लगने से जख्मी हो गए।
आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई होगी : एसपी
एसपी बहराइच वृंदा शुक्ला ने बताया कि महराजगंज बवाल मामले में शामिल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस मामले में बवाल, उपद्रव और आगजनी करने में शामिल रहे लोगों के साथ ही अफवाह फैलाने वाले, साजिश रचने वाले और आरोपियों को शरण देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी आरोपियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरफराज की बहन बोली- पुलिस ने एक दिन पहले ही उठा लिया था
बहराइच जिले के महाराजगंज गांव के जिस मकान में रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या की गई थी वह अब्दुल हमीद का है। हमीद की बेटी रुखसार ने आरोप लगाया कि एसटीएफ ने बुधवार शाम चार बजे उसके पिता अब्दुल हमीद, भाई सरफराज, फहीम और उनके साथ एक अन्य युवक को उठा लिया था। मेरे पति और देवर को पहले ही पकड़ लिया था। उनकी किसी भी थाने से खबर नहीं मिल रही है। हमें डर है कि उनका एनकाउंटर किया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने परिजनों की सुरक्षा की अपील की है।
