संभल अभिव्यक्ति न्यूज। Sambhal में 46 साल से बंद हिंदू मंदिर के ताले खुलवाये जाने के बाद अब मुस्लिम आबादी के बीच बने एक और मंदिर को मंगलवार को खुलवाया गया। इस इलाके में रहने वाले लगभग 200 हिंदू परिवार काफी समय पहले यहां से पलायन कर गए थे। तभी से मंदिर में ताला बंद था। पहले यहां आबाद रहे हिंदू परिवार कभी-कभार त्योहारों पर मंदिर में पूजा-अर्चना करने आ जाते थे। Sambhal नगर पालिका की टीम से प्रशासन ने मंदिर की साफ-सफाई कराने के बाद श्रद्धालुओं ने यहां भी पूजा-अर्चना शुरू की। मंदिर परिसर में ही एक कुंआ होने की बात भी सामने आई। पुलिस की मौजूदगी में कुएं की भी सफाई कराने की योजना है।

मंदिर बंद होने की जानकारी पर पहुंची थी Sambhal पुलिस
Sambhal के खग्गू सराय मोहल्ले में 4 दिन पहले मुस्लिम आबादी के बीच एक सुनसान मंदिर नजर आया तो प्रशासन ने इस मंदिर के ताले खुलवाये थे। बताया गया कि इस इलाके में रहने वाले 40 हिंदू परिवार 1978 के दंगे के बाद पलायन कर चले गये थे और तभी से मंदिर के ताले बंद थे। खग्गू सराय के मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू होने के बाद मंगलवार को सरायतरीन के मोहल्ला कच्छयावान में मुस्लिम आबादी के बीच एक मंदिर के ताले बंद होने की बात प्रशासन को बताई गई। हयातनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर के ताले खुलवाये। इसके बाद Sambhal नगर पालिका की टीम ने मंदिर परिसर में उगी घास और झाड़ियों को काटकर साफ-सफाई कराई। मंदिर की मूर्तियों को भी साफ किया गया और फिर इस सुनसान मंदिर में भी पूजा-अर्चना शुरू हो गई।
मंदिर के आसपास रहने वाले 200 हिंदू परिवार कर गए पलायन
मंदिर के बंद होने के बारे में जब संभल पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तब पता चला कि कुछ समय पहले तक मंदिर के आसपास 200 हिंदू परिवार रहते थे जो धीरे-धीरे पलायन कर यहां से चले गये। कुछ लोगों ने पक्का बाग मंदिर के निकट मकान बना लिये तो कुछ दूसरे हिंदू मोहल्लों में जाकर बस गये। कुछ परिवार पलायन कर दूसरे शहरों में जा बसे। अब इस इलाके में केवल मुस्लिम आबादी है। जांच में यह बात भी सामने आई कि त्योहारों पर हिंदू समुदाय के एक-दो लोग आकर यहां पूजा अर्चना की औपचारिकता कर चले जाते थे।
हिंदू समुदाय के व्यक्ति के पास थी मंदिर की चाभी
मंदिर के पास से हिंदू आबादी के पलायन के बारे में जानकारी हासिल करने के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना था कि हिंदू समुदाय के लोग बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से मकान बेचकर दूसरे मोहल्लों में जाकर बस गये हैं, जबकि पलायन कर गये हिंदू समुदाय के कुछ लोगों ने कहा कि असुरक्षा की वजह से वह पलायन करने पर मजबूर हुए। सपा के शासनकाल में उनके साथ आए दिन आपराधिक घटनाएं होती थीं और फिर कहीं सुनवाई भी नहीं होती थी। हयातनगर थाना प्रभारी चमन सिंह ने कहा कि मंदिर की चाभी हिंदू समुदाय के व्यक्ति के पास ही थी।

कुंये की खुदाई के दौरान मिली थीं खंडित मूर्तियां
संभल में दो दिन पहले जिला प्रशासन ने 46 साल बाद जिस प्राचीन मंदिर के ताले खुलवाए थे उसके नजदीक मिले प्राचीन कुंये की खोदाई में सोमवार को तीन खंडित मूर्तियां मिली हैं। मूर्तियां मिलने के बाद कुंये के नजदीक भीड़ जुटी तो प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कुंये की खुदाई का काम फिलहाल रुकवाकर कुंये पर लोहे का जाल रखवा कर चारों तरफ बैरिकेडिंग करा दी है। हालांकि इसके बाद भी आसपास की कई महिलाएं जाल के ऊपर ही धूप-बत्ती जलाकर कुंये की पूजा अर्चना जारी रखी है।
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