नई दिल्ली, अभिव्यक्ति न्यूज। हरियाणा विधानसभा चुनाव में इंडी गठबंधन की सदस्य आम आदमी पार्टी का कांग्रेस के साथ सीटों का तालमेल नहीं हो पाया है। अब समाजवादी पार्टी ने हरियाणा की तीन सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। समाजवादी पार्टी की ओर से इस संबंध में अपने सहयोगी दल कांग्रेस को शनिवार को सूचना देने के साथ ही तीन सीटों की सूची भी कांग्रेस आलाकमान को भेज दी है। समाजवादी पार्टी की ओर से रविवार को तीनों सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की जा सकती है।

हरियाणा में चुनाव लड़ने का अखिलेश ने किया था इशारा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हरियाणा विधानसभा चुनाव में आईएनडीआईए गठबंधन के साथ दो से चार सीटों पर चुनाव लड़ने का इशारा शुक्रवार को ही किया था। समाजवादी पार्टी लोकसभा सदस्यों की संख्या के लिहाज से देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। ऐसे में पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने के मिशन में जुट गए हैं। इसी अभियान के तहत समाजवादी पार्टी अधिक से अधिक राज्यों में चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुटी है। हरियाणा में सपा की निगाह जाट, मुस्लिम और यादव बहुल सीटों पर जमी है।

सीटों के बंटवारे को लेकर सपा ने बनाई थी कमेटी

समाजवादी पार्टी की हरियाणा इकाई ने यादव, मुस्लिम और जाट बाहुल्य 12 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन गठबंधन की प्रमुख पार्टी कांग्रेस सपा को इतनी सीटें देने को तैयार नहीं थी। इसके बाद अखिलेश यादव ने हरियाणा में सपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भाटी, पूर्व एमएलसी संजय लाठर और राव विजेंदर की कमेटी बनाकर तीन सीटों के नाम मांगे थे। कमेटी ने शनिवार को लखनऊ में सपा अध्यक्ष को जिन तीन सीटों के नाम सौंपे, उनमें पलवल जिले की हथीन, चरखी दादरी की दादरी और गुड़गांव की सोहना विधानसभा सीटें शामिल हैं।

सपा की तीनों सीटों पर जातीय समीकरण पर नजर

हरियाणा में सपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भाटी दावा है कि हथीन सीट पर करीब 85 हजार मुस्लिम, 45 से 50 हजार जाट, पांच हजार यादव और लगभग 20 हजार राजपूत मतदाता हैं। यहां से सपा जाट समुदाय के पूर्व एमएलसी संजय लाठर के बेटे आदित्य लाठर को टिकट दे सकती है।वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा के प्रवीण डागर को 46,744 और कांग्रेस के मो. इजराइल को 43,857 वोट मिले थे। बसपा के तयूब हुसैन उर्फ नजीर अहमद को 35,233 वोट मिले थे और कांग्रेस 2,887 वोट से यह सीट हार गई थी। वर्ष 2014 के चुनाव में भी बसपा को 31,214 वोट मिले थे। सपा की नजर बसपा के इसी वोट बैंक पर है। जाट बाहुल्य दादरी सीट पर गैर जाट मतदाताओं की संख्या लगभग 1.10 लाख है। ऐसे में पार्टी गैर जाट समुदाय के हरियाणा के प्रमुख महासचिव जयवीर स्वामी को मैदान में उतार सकती है। सोहना में लगभग एक लाख मुस्लिम, 40 से 45 हजार यादव मतदाता हैं। सपा इस सीट पर यादव जाति से आने वाले हरियाणा छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मेंद्र सिंह को चुनाव लड़ा सकती है।

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