देहरादून। वैदिक मंत्रोचार के बीच शुक्रवार को केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए गए। इसके साथ ही श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए। बम-बम भोले, जय बाबा केदार के जयकारों और सेना के बैंड ने मधुर धार्मिक धुनों के बीच सुबह सात मंदिर का मुख्य द्वार खोला गया। सभी धार्मिक परंपराएं निभाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से कराई गई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी ‘एक्स’ पर उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री धामी ने पत्नी के साथ बाबा केदार के दर्शन किए
केदारनाथ मंदिर के रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग, प्रशासन और बीकेटीसी अधिकारियों की मौजूदगी में कपाट खुलने के साथ ही बाबा केदार के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से शृंगार रूप दिया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने बाद पत्नी गीता धामी के साथ अखंड ज्योति के साथ ही बाबा केदार के दर्शन किए। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए विशेष पूजा करने के साथ बाबा केदारनाथ का रुद्राभिषेक किया। पहले दिन 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के केदारनाथ पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, केदारनाथ मंदिर में दर्शन के लिए प्रतिदिन अधिकतम श्रद्धालु संख्या 18 हजार तय है, लेकिन पहले दिन करीब दोगुने श्रद्धालु उमड़ पड़े।

गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा का श्रीगणेश
केदारनाथ मंदिर के साथ ही शुक्रवार को गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम मंदिर के कपाट भी खुल गए। इसके साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का भी श्रीगणेश हो गया। इसके बाद विधिविधान के साथ गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी खुल गए। पहले दिन गंगोत्री में करीब 10 हजार और यमुनोत्री में पांच हजार श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
