वाशिंगटन, एजेंसी। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 58 साल की उम्र में मंगलवार को बतौर पायलट तीसरी बार अंतरिक्ष की उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। वह बुच विलमोर के साथ बोइंग के स्टार लाइनर अंतरिक्ष यान से उड़ान भरेंगी। इसे फ्लोरिडा में केप केनवेरल के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से छोड़ा जाएगा।
अंतरिक्ष यान सात मई को सुबह 8:04 बजे रवाना होगा। अगर यह कामयाब हो जाता है तो एलन मस्क की स्पेस एक्स के साथ यह दूसरी निजी कंपनी बन जाएगी जो चालक दल को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र तक ले जाने और वापस लाने में सक्षम होगी।
उड़ान भरने को लेकर उत्साहित : सुनीता विलियम्स
मीडिया से बातचीत में सुनीता विलियम्स ने कहा कि हम सभी यहां हैं क्योंकि हम सभी तैयार हैं। मैं उड़ान भरने को लेकर उत्साहित हूं। जब मैं अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचूंगी, तो यह घर वापस जाने जैसा होगा। हमारे दोस्तों ने इसके बारे में सुना है। हमने इसके बारे में बातचीत की है और वे खुश तथा गौरवान्वित हैं कि हम इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं। सुनीता ने सीएसटी-100 स्टार लाइनर अंतरिक्ष यान का नाम कैलिप्सो रखा है। यह लगभग 10 दिनों तक चलेगा।
सुनीता ने पहली बार 2006 में भरी थी उड़ान
सुनीता विलियम्स नए ह्यूमन-रेटेड अंतरिक्ष यान के पहले मिशन पर उड़ान भरने वाली पहली महिला बनकर इतिहास रचने के लिए तैयार हैं। पहली बार उन्होंने 2006 में उड़ान भरी थी। पहली अंतरिक्ष यात्रा में उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 29 घंटे और 17 मिनट की चार बार चहलकदमी करने के साथ महिलाओं के लिए विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद अंतरिक्ष यात्री पेग्गी व्हिटसन ने अंतरिक्ष में कुल पांच बार चहलकदमी कर 2008 में यह रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
अंतरिक्ष में कुल 322 दिन बिताए
नासा के अनुसार, सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में कुल 322 दिन बिताए हैं। नासा ने 1988 में सुनीता विलियम्स को अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुना था। उन्होंने एक्स्पीडिशन 32 की फ्लाइट इंजीनियर और एक्स्पीडिशन 33 की कमांडर के तौर पर सेवा दी थी।
14 जुलाई 2012 को दूसरी उड़ान
एक्स्पीडिशन 32/33 में विलियम्स ने कजाखस्तान के बैकोनूर कोस्मोड्रोन से 14 जुलाई 2012 को अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी। उस वक्त विलियम्स ने प्रयोगशाला की परिक्रमा करते हुए अनुसंधान और अन्वेषण में चार महीने का वक्त बिताया था। वह अंतरिक्ष में 127 दिन का वक्त बिताने के बाद 18 नवंबर 2012 को कजाखस्तान पहुंची थीं।
दीपक पांड्या के घर हुआ था जन्म
सुनीता विलियम्स का जन्म ओहायो के यूक्लिड में भारतीय-अमेरिकी न्यूरोएनाटॉमिस्ट दीपक पांड्या और स्लोवेनियाई-अमेरिकी उर्सुलिन बोनी पांड्या के घर हुआ था। उन्होंने यूएस नेवल एकेडमी से भौतिक विज्ञान की डिग्री ली और फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग प्रबंधन में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की।
