लखनऊ, अभिव्यक्ति न्यूज। लखीमपुर खीरी जिले की सदर तहसील के गांव बंजरिया निवासी RSS के नकहा खंड के खंड कार्यवाह विश्वेश्वर की जमीन की पैमाइश के प्रकरण में शासन की कार्रवाई अभी थमी नहीं है। एक IAS और तीन PCS अधिकारियों को निलंबित करने के बाद शासन ने जिले की मौजूदा डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और पूर्व डीएम महेंद्र बहादुर सिंह को भी नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण तलब किया है। नियुक्ति विभाग ने दोनों अफसरों को नोटिस भेजा है। शासन की सख्ती से अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।

20 दिन पहले वायरल हुआ था भाजपा विधायक का वीडियो

RSS नेता विश्वेश्वर 23 अक्तूबर को भी जमीन पैमाइश कराने की अपनी दरख्वास्त लेकर अफसरों के पास पहुंचे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात सदर विधायक योगेश वर्मा से हो गई। उन्होंने अपनी पीड़ा सदर विधायक को सुनाई। मामला संज्ञान में आने पर 23 अक्तूबर को सदर विधायक ने एसडीएम से पीड़ित को न्याय दिलाने को कहा था। उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने एक IAS और तीन PCS अधिकारियों को निलंबित करते हुए उन्हें राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया है।

निलंबन के बाद सभी अफसर राजस्व परिषद से संबद्ध किए

लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने IAS अधिकारी और मौजूदा समय में अपर आयुक्त लखनऊ मंडल धनश्याम सिंह को निलंबित कर दिया है। PCS अधिकारियों में बाराबंकी के एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, झांसी के नगर मजिस्ट्रेट विधेश सिंह, बुलंदशहर की एसडीएम रेनु को निलंबित किया गया है। इन चारों अधिकारियों पर लखीमपुर खीरी में तैनाती के दौरान RSS नेता की जमीन की पैमाइश के मामलों में टालमटोल करने का आरोप है। वर्तमान में ये सभी अधिकारी अलग-अलग जिलों में तैनात थे। शासन ने इन सभी अधिकारियों को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया था।

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